विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा के आधुनिकीकरण व बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के लिये उद्योग जगत के साथ मिलकर एक नई पहल शुरू करने जा रही है। जिसके तहत सूबे के करीब 550 राजकीय प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों को कॉरपोरेट समूह से जोड़ा जा रहा है। इनमें से ज्यादातर स्कूल पर्वतीय क्षेत्र के शामिल किये गये हैं। जिससे विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच अवस्थित इन विद्यालयों में सीएसआर फण्ड से अवस्थापना सुविधाओं के साथ ही मॉडल क्लास रूम, कम्प्यूटर लैब, साइंस लैब, पुस्तकालय, फर्नीचर, शौचालय, खेल सामग्री, खेल मैदान व चाहरदीवारी आदि सुविधाओं से सुसज्जित किया जा सके।
ये सुविधाएं मिल सकेंगी
-मॉडल क्लास रूम
-कम्प्यूटर लैब
-साइंस लैब
-लाइब्रेरी
-फर्नीचर
-शौचालय
-स्पोटर्स सामग्री
-प्ले ग्राउंड
-चारदीवारी
उद्योगपतियों को किया इनवाइट
शिक्षा मंत्री ने बताया, सरकार ने स्टेट के करीब 550 उद्योगपतियों से सम्पर्क कर इस संबंध में सैद्धांतिक सहमति बना ली है। इसी क्रम में आगामी 30 जुलाई को उत्तराखंड राजभवन में राज्यपाल ले.ज। (रिटा.) गुरमीत सिंह की अध्यक्षता व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में उद्योग समूहों के साथ एक वृहद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें स्टेट के तमाम क्षेत्रों के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है।
स्कूलों का होगा कायाकल्प
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्टेट के उद्योग समूहों के कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड के माध्यम से सूबे के विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं के साथ एक नई पहचान दिलाना है। इस पहल के तहत हर उद्योग समूह एक प्राथमिक व एक माध्यमिक विद्यालय को गोद लेकर उनमें सभी आधारभूत व आधुनिक सुविधाएं मुहैया करायेंगे। जिससे हिल एरियाज के दुर्गम स्कूलों में अध्ययनरत प्राइमरी व माध्यमिक स्तर के छात्र-छात्राओं को आज की आवश्यकताओं व नई शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। ये भी बताया, उत्तराखंड में करीब 559 विद्यालय ऐसे हैं जिनमें कई प्रोफेशनल सिलेबस संचालित किये जा रहे हैं। ऐसे स्कूलों को उद्योग समूहों से जोड़ने के बाद प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप और बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
