टिहरी: उत्तराखंड की पहचान अब वाटर स्पोर्ट्स का अंतरराष्ट्रीय हब बनने जा रही है। पहाड़ों की गोद में बसी टिहरी झील की शांत लहरें अब पर्यटन से आगे बढ़कर जलक्रीड़ा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDC India Limited) ने टिहरी झील से कोटेश्वर तक विश्व स्तरीय वाटर स्पोर्ट्स केंद्र विकसित करने की तैयारी तेज कर दी है, जो आने वाले वर्षों में देश का सबसे बड़ा वाटर स्पोर्ट्स हब बन जाएगा।
टिहरी बांध से निर्मित विशाल टिहरी झील (क्षेत्रफल लगभग 52 वर्ग किलोमीटर) अपने स्थिर जलस्तर, लंबे जलक्षेत्र और सुरक्षित प्राकृतिक ढांचे के कारण कयाकिंग, कैनोइंग, रोइंग, जेट स्कीइंग और अन्य जलक्रीड़ाओं के लिए आदर्श है। टीएचडीसी ने पिछले कुछ वर्षों में यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया है, जिससे टिहरी को वाटर स्पोर्ट्स के नक्शे पर मजबूत पहचान मिली है।
केंद्र सरकार के निर्देश पर अब टिहरी झील को कोटेश्वर क्षेत्र से जोड़कर एक पूर्ण अंतरराष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी मिलती है, तो उत्तराखंड—खासकर टिहरी—वाटर स्पोर्ट्स का प्रमुख केंद्र होगा।
भारतीय कयाकिंग एवं कैनोइंग संघ (IKCA) और उत्तराखंड ओलंपिक संघ के सहयोग से टिहरी झील और आसपास के क्षेत्रों में चरणबद्ध विकास कार्य चल रहा है। इसमें कैनो स्प्रिंट, कैनो स्लालोम, ड्रैगन बोट, कैनो मैराथन, कैनो पोलो, पैराकैनो जैसे खेल शामिल हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य उत्तराखंड को ओलंपिक-स्तरीय तैयारी का स्थायी केंद्र बनाना है।
इस योजना की रीढ़ कोटेश्वर स्थित टीएचडीसी हाई-परफॉर्मेंस अकादमी फॉर कयाकिंग एंड कैनोइंग है। दिसंबर 2023 में उद्घाटित यह अकादमी भारत की पहली और सबसे उन्नत समर्पित संस्था है। यहां खिलाड़ियों को ओलंपिक, एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप के लिए आधुनिक ट्रेनिंग, तकनीकी सुविधाएं, विश्व स्तरीय कोच और विशेषज्ञों की सेवाएं प्रदान की जाती हैं। अकादमी कोटेश्वर में टिहरी झील के डाउनस्ट्रीम पर स्थित है, जो उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण के लिए आदर्श है।
हाल ही में दिसंबर 2024 में टीएचडीसी ने राष्ट्रीय स्तर की वाटर स्पोर्ट्स कप 2024 (तीसरी संस्करण) का आयोजन किया, जिसमें राष्ट्रीय खेलों 2024 के लिए क्वालीफाइंग चैंपियनशिप भी शामिल थी। 2025 में चौथी संस्करण और अंतरराष्ट्रीय प्रेसिडेंट कप का आयोजन हुआ, जिसमें 22 से अधिक देशों के 300+ एथलीट्स ने भाग लिया। इन आयोजनों ने टिहरी को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है।
इसके अलावा, दिसंबर 2024 में THDCIL और REC लिमिटेड ने MoU साइन किया, जिसके तहत कोटेश्वर अकादमी में ओलंपिक साइज स्विमिंग पूल के निर्माण के लिए REC ने 3.97 करोड़ रुपये की CSR फंडिंग दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि टिहरी झील अब वैश्विक एडवेंचर स्पोर्ट्स हब बन रही है, जिससे युवाओं के लिए पर्यटन-आधारित रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
टिहरी झील में जेट स्कीइंग, स्पीड बोटिंग, पैरासेलिंग, फ्लाईबोर्डिंग, काइट सरफिंग और हॉट एयर बैलूनिंग जैसी गतिविधियां पहले से उपलब्ध हैं। नई परियोजना से इनमें और वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और रोजगार को मजबूती मिलेगी।
उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता अब केवल दर्शनीय नहीं, बल्कि खेल और पर्यटन का केंद्र बन रही है। टीएचडीसी की यह पहल राज्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देगी और युवा एथलीट्स को वैश्विक मंच पर चमकने का अवसर प्रदान करेगी।
