Monday, December 15, 2025
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मसूरी में सड़क के लिए लाई गई घटिया निर्माण सामग्री रिजेक्ट

मसूरी: शहर में मोतीलाल नेहरू मार्ग के निर्माण में घटिया सामग्री लगाने का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने विरोध किया तो अब पीडब्ल्यूडी फुल एक्शन में आ गया है. मार्ग के निर्माण को लेकर प्रयोग की जा रही निर्माण सामग्री मानकों के अनुरूप न होने पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने 6 डंपर सामग्री निर्माण स्थल से लौटा दी.

 मसूरी में करीब 2.73 करोड़ रुपये से बन रहे मोतीलाल नेहरू मार्ग के कार्य की गुणवत्ता को लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारी अब कोई कोताही बरतने को तैयार नहीं हैं. इसको लेकर मसूरी में मंगलवार को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मार्ग के लिए लाई गई निर्माण सामग्री को रिजेक्ट कर दिया. इस दौरान निर्माण सामग्री से भरे 6 डंपरों को वापस भेज दिया गया. लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राजेंद्र पाल ने बताया कि-

मेरे और जूनियर इंजीनियर प्रदीप शाही द्वारा सड़क निर्माण को लेकर भेजी गई निर्माण सामग्री की जांच की गई. निर्माण सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं निकली. इसके बाद निर्माण सामग्री को रिजेक्ट कर दिया गया.
-राजेंद्र पाल, जूनियर इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी-

असिस्टेंट इंजीनियर ने बताया कि रोड बनाने के लिए लाई गई निर्माण सामग्री सड़क निर्माण स्थल पर सुबह 8 बजे पहुंच गई थी. सुबह 9 बजे निर्माण समाग्री को सड़क पर डाला जाना था. इस दौरान सड़क निर्माण के लिये प्रयोग में लाने वाली मशीन खराब हो गई. इस कारण सड़क पर निर्माण सामग्री को तय समय में नहीं डाला जा सका. उन्होंने कहा कि-

Mussoorie road construction

सड़क बनाने को लेकर निर्माण सामग्री का टेंपरेचर होता है. ऐसे में अगर टेंपरेचर के अनुरूप सड़क का निर्माण नहीं किया गया, तो कार्य की गुणवत्ता सही नहीं होती. सड़क निर्माण करते हुए निर्माण सामग्री का टेंपरेचर 120 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए. जब सड़क निर्माण को लेकर सामग्री सड़क में डाली जाती है और उसके ऊपर रोलर चलाया जाता है तब टेंपरेचर 80 से 90 डिग्री होना चाहिए. डंपर के माध्यम से भेजी गई निर्माण सामग्री में थर्मामीटर लगाया तो वह 100 और 110 डिग्री था. ये मानकों के अनुरूप नहीं था. इस कारण निर्माण सामग्री को वापस कर दिया गया है.
-राजेंद्र पाल, जूनियर इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी-

 जूनियर इंजीनियर राजेंद्र पाल ने कहा कि अधिशासी अभियंता जितेंद्र त्रिपाठी और उच्च अधिकारियों द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सड़क निर्माण को लेकर किसी प्रकार की गुणवत्ता पर कोई समझौता न किया जाए. उन्होंने बताया कि 15 साल के बाद मुख्यमंत्री द्वारा मोतीलाल नेहरू मार्ग के निर्माण के लिए धन स्वीकृत किया गया है. सड़क अच्छी बनने से स्थानीय लोगों के साथ देश विदेश से मसूरी आने वाले पर्यटकों को सुविधा होगी.

Mussoorie road construction
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