पिथौरागढ़: गंगोलीहाट पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली फर्जी तरीके से सिमों को बेचा जा रहा है. जिस प्रभारी निरीक्षक कोतवाली गंगोलीहाट कैलाश चंद्र जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम हॉटलेख स्थित एक मकान में दबिश दी. दबिश के दौरान एक व्यक्ति को भारी मात्रा में फर्जी सिम कार्डों के साथ गिरफ्तार किया गया.
अभियुक्त राजेंद्र प्रसाद पुत्र शंकर राम, निवासी देवलथल, थाना थल, वर्तमान में हॉटलेख, गंगोलीहाट में किराए पर रह रहा था, जो भोले-भाले ग्रामीणों को सिम बेचते समय धोखे से एक के स्थान पर कई सिम कार्ड एक्टिवेट करवा कर अपने पास रख लेता था. बाद में उन्हें ऊंचे दामों पर बेच देता था. इन फर्जी सिम कार्डों का इस्तेमाल साइबर ठगों द्वारा अपराध में किया जा सकता था. पुलिस ने आरोपी से 282 एक्टिवेटेड सिम कार्ड, 109 शील्ड सिम, 15 खाली सिम स्लॉट, 4 मोबाइल फोन, 08 विभिन्न व्यक्तियों के आधार कार्ड बरामद किये.
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 318(4), 61(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता 2023 व धारा 42 टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है. इस प्रकरण में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की जांच भी की जा रही है.
तीन माह पूर्व बेरीनाग थाना साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, कुमायूं परिक्षेत्र रुद्रपुर, मय टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए, भारत सरकार के संचार मंत्रालय से प्राप्त सूचना के आधार पर RK इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मोबाइल सेंटर, नया बाजार बेरीनाग में दबिश दी गई थी. कार्रवाई के दौरान दुकान स्वामी रघुवीर सिंह, बेरीनाग के पास से निम्न अवैध सामग्री बरामद की गई.
• 748 चालू सिम कार्ड (VI कंपनी)
• 02 की-पैड मोबाइल फोन (LAVA)
• 02 स्मार्टफोन (OPPO)
• 12 आधार कार्ड
• 01 पैन कार्ड
इस दौरान थाना बेरीनाग में धारा 318(4), 61(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं धारा 42 दूरसंचार अधिनियम के तहत अभियुक्त रघुवीर सिंह कार्की के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया था.
गौरतलब है कि अभियुक्त के विरुद्ध वर्ष 2024 में भी फर्जी सिम कार्ड बिक्री के अपराध में थाना बेरीनाग में धारा 420/120बी IPC के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत था. । रघुवीर सिंह स्थानीय लोगों की अज्ञानता का लाभ उठाकर उनके नाम से सिम कार्ड सक्रिय करता था. उन्हें ऊंचे दामों में बेचता था, जिससे संभावित रूप से साइबर अपराधों को बढ़ावा मिल सकता था.
सीमांत पिथौरागढ़ जिले में नेपाल से लोग यहां पर मेहनत मजदूरी करने के लिए आते हैं जो यहां पर महंगे दामों पर सिम खरीद लेते हैं. पिथौरागढ़ जिले के भीतर दो वर्ष में फर्जी सिम बेचने के तीन से अधिक मामले आ चुके हैं.
