नई टिहरी। गढ़वाल केंद्रीय विवि के स्वामी रामतीर्थ परिसर को बादशाहीथौल में स्थापित हुए 26 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज तक परिसर की भूमि विश्वविद्यालय के नाम दर्ज नहीं हो सकी है। भूमि अब भी टिहरी जल विकास निगम (टीएचडीसी) के स्वामित्व में है। विवि प्रशासन के अनुरोध करने के बाद अब टीएचडीसी ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि जब तक 21 करोड़ रुपये जमा नहीं किए जाते, तब तक भूमि का हस्तांतरण नहीं किया जा सकता है।
1998 में जब पुरानी टिहरी बांध परियोजना के चलते डूबी थी, तब विवि के स्वामी रामतीर्थ परिसर को शिफ्ट कर बादशाहीथौल में बसाया गया था। कुल 7.5 हेक्टेयर भूमि पर टीएचडीसी और टिहरी बांध परियोजना ने मिलकर नए परिसर का निर्माण किया था। वर्तमान में परिसर में छात्रावास, शिक्षक आवास, पुस्तकालय, खेल मैदान जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। लगभग 300 छात्र-छात्राएं यहां अध्ययनरत हैं।
