देहरादून: उत्तराखंड की बर्फीली वादियां, ऊंचे दर्रे और घुमावदार पहाड़ी सड़कें एक बार फिर रोमांच से भर उठने वाली हैं। 35 साल के लंबे इंतजार के बाद राज्य में ऐतिहासिक ‘हिमालयन कार रैली’ की धमाकेदार वापसी होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष निर्देशों और प्रयासों के बाद इस महत्वाकांक्षी आयोजन को हरी झंडी मिल गई है। ‘उत्तराखंड हिमालयन रैली 2.0’ के नाम से पुनर्जीवित हो रही यह रैली नवंबर 2026 में अपने पहले संस्करण के साथ भारतीय मोटरस्पोर्ट के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री धामी ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस साहसिक आयोजन को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाए। उनका स्पष्ट लक्ष्य है कि उत्तराखंड को एक साल भर का पर्यटन केंद्र बनाया जाए और शीतकालीन पर्यटन को नई गति दी जाए। इस रैली से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।
1980 से 1990 तक चला था स्वर्णिम दौर
हिमालयन कार रैली का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। 1980 से 1990 के बीच इस रैली के 11 सफल संस्करण आयोजित किए गए थे, जिन्होंने भारत को वैश्विक मोटरस्पोर्ट मानचित्र पर एक विशेष स्थान दिलाया था। उस दौर में दुनियाभर के रोमांच प्रेमी हिमालय की गोद में इंजन की दहाड़ सुनने उत्तराखंड आते थे। अब तीन दशकों से अधिक के अंतराल के बाद यह सपना फिर साकार होने जा रहा है।
चार साल की विस्तृत योजना
आयोजकों ने 2026 से 2029 तक चार संस्करणों की एक सुनियोजित रोडमैप तैयार की है। नवंबर 2026 में होने वाले प्रथम संस्करण में विदेशी कारों के लिए अंतरराष्ट्रीय इवेंट, एशिया क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप का राउंड, हिमालयन रैली क्लासिक और INRC यानी इंडियन नेशनल रैली चैंपियनशिप का राउंड शामिल होगा। नवंबर 2027 के द्वितीय संस्करण में एशिया पैसिफिक रैली चैंपियनशिप का राउंड भी जोड़ा जाएगा। नवंबर 2028 में तृतीय संस्करण FIA क्रॉस कंट्री रैली चैंपियनशिप का कंटेंडर राउंड बनेगा और नवंबर 2029 तक यह रैली FIA क्रॉस कंट्री रैली चैंपियनशिप का पूर्ण अंतरराष्ट्रीय राउंड बन जाएगी। यह चरणबद्ध विकास रैली को एशियाई और विश्व स्तर पर एक प्रतिष्ठित स्थान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
125 से अधिक प्रतिभागी, चार श्रेणियों में मुकाबला
रैली में 125 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन्हें चार प्रमुख श्रेणियों में बांटा जाएगा। अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, इटली, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे देशों से 25 प्रतिभागी शामिल होंगे। एशिया क्रॉस कंट्री रैली में थाईलैंड, मलेशिया, जापान, सिंगापुर और वियतनाम से 25 प्रतिभागी उतरेंगे। क्लासिक रैली कार्स श्रेणी में केन्या और यूनाइटेड किंगडम सहित 20 प्रतिभागी होंगे, जबकि भारतीय राष्ट्रीय रैली चैंपियनशिप में 50 भारतीय ड्राइवर अपना दमखम दिखाएंगे। इस विविधता से भारतीय ड्राइवरों को विश्व स्तरीय प्रतियोगियों के सामने खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
अनुभवी टीम फायरफॉक्स संभालेगी कमान
इस ऐतिहासिक आयोजन की जिम्मेदारी टीम फायरफॉक्स को सौंपी गई है, जिसमें पूर्व हिमालयन रैली के अनुभवी प्रतिभागी शामिल हैं। रजन स्याल इवेंट के अध्यक्ष होंगे, जबकि अंतरराष्ट्रीय रैली ड्राइवर और डकार रैली में भागीदारी का अनुभव रखने वाले संजय तकाले सह-अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। रूट चयन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रसिद्ध रैली विशेषज्ञ विकी चंदोक को दी गई है जो FMSCI काउंसिल सदस्य और MMSC के उपाध्यक्ष हैं। रैली को KMVN और GMVN का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।
रजन स्याल ने कहा, “35 वर्षों के अंतराल के बाद हिमालयन रैली की वापसी एक सपने के साकार होने जैसा है। हम उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता को दुनिया के सामने लाना चाहते हैं।” संजय तकाले ने जोड़ा, “यह सिर्फ एक रेस नहीं, पहाड़ों के साथ एक अनोखा सफर है। सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और खेल भावना हमारी प्राथमिकता रहेगी।”
पर्यटन सचिव धिराज गर्ब्याल के मुताबिक “उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड इस रैली का टाइटल स्पॉन्सर होगा। हिमालय की दुर्गम सड़कें, बर्फीले दर्रे, घने जंगल और नदियों को पार करने की चुनौतियां इस रैली को दुनियाभर के एडवेंचर प्रेमियों के लिए अत्यंत आकर्षक बनाएंगी। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय गाइड और हस्तशिल्प उद्योग को भी सीधा लाभ पहुंचेगा। नवंबर 2026 में होने वाला पहला संस्करण उत्तराखंड को वैश्विक मोटरस्पोर्ट हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा।
