Thursday, January 29, 2026
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इनामुल्ला बिल्डिंग पर अतिक्रमण अब शहर के लिए गंभीर चुनौती

देहरादून: इनामुल्ला बिल्डिंग पर अतिक्रमण अब शहर के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। घनी आबादी वाले इस इलाके में वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण न केवल प्रशासनिक समस्या हैं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और स्थानीय निवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहे हैं। हाल ही में हिंदू रक्षा दल ने इस मुद्दे को लेकर जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें तत्काल अतिक्रमण हटाने और क्षेत्र में सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

इनामुल्ला बिल्डिंग देहरादून के प्रमुख बाजार क्षेत्र गांधी रोड पर स्थित एक ऐतिहासिक इमारत है। यह करीब 100 वर्ष पुरानी मानी जाती है और शहर की पुरानी पहचान का हिस्सा रही है। लेकिन लंबे समय से इस भवन के परिसर और आसपास की जमीन पर बिना किसी कानूनी अनुमति के अतिक्रमण हो रहा है। अवैध शेड, दुकानें, अस्थायी निर्माण और अन्य गतिविधियां यहां चल रही हैं, जिससे इलाका संवेदनशील हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह क्षेत्र अब असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है।

हिंदू रक्षा दल के पदाधिकारियों ने बुधवार को प्रशासन को दिए ज्ञापन में कहा कि इनामुल्ला बिल्डिंग के पास से गुजरने वाली सड़क महिलाओं और लड़कियों के लिए असुरक्षित हो गई है। शाम के समय संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है, जिससे आसपास रहने वाले परिवारों में डर का माहौल है। संगठन का आरोप है कि अवैध कब्जों के कारण क्षेत्र का वातावरण बिगड़ रहा है और महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अतिक्रमण नहीं हटाया गया और पुलिस गश्त बढ़ाकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो वे जनहित में आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में हिंदू रक्षा दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महासचिव मनोज राणा, कृष्णा चौहान, सागर राजपूत, विनोद सेमवाल, प्रदीप कुमार सहित कई अन्य सदस्य शामिल थे। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि इनामुल्ला भवन और आसपास की निजी तथा सार्वजनिक भूमि पर लगे सभी अवैध कब्जों को तुरंत हटाया जाए। साथ ही, नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

यह मुद्दा नया नहीं है। देहरादून में अतिक्रमण की समस्या लंबे समय से चर्चा में रही है। गांधी रोड, प्रिंस चौक से दर्शनलाल चौक तक और इनामुल्ला बिल्डिंग के आसपास दिन-रात फुटपाथ और सड़क पर कब्जे देखे जाते हैं। प्रशासन समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाता है, लेकिन कई बार कार्रवाई के बाद फिर से कब्जे हो जाते हैं। उदाहरण के लिए, पर्यटन विभाग की जमीन पर इनामुल्ला बिल्डिंग के पास दुकानों के अतिक्रमण को हटाने के दौरान दुकानदारों का विरोध हुआ था। इसी तरह, हाल के वर्षों में सड़क चौड़ीकरण के लिए इनामुल्ला बिल्डिंग के कुछ हिस्सों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन दुकानदारों और नागरिकों के विरोध के कारण चुनौतियां आईं।

देहरादून में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य स्तर पर अवैध धार्मिक संरचनाओं और अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज किया गया है। हाल ही में देहरादून में सरकारी जमीन पर बनी अवैध मजारों को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर कोई भी अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने भी अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ बड़े अभियान चलाए हैं, जिसमें सैकड़ों बीघा भूमि पर अवैध गतिविधियों को रोका गया।

इनामुल्ला बिल्डिंग का मामला अब केवल भूमि अतिक्रमण तक सीमित नहीं रह गया है। यह सामाजिक सद्भाव, महिलाओं की सुरक्षा और शहर की साफ-सफाई से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। स्थानीय लोग शिकायत करते हैं कि अवैध गतिविधियों के कारण ट्रैफिक जाम, गंदगी और अपराध की आशंका बढ़ गई है। शाम ढलते ही इलाका सुनसान हो जाता है और महिलाएं अकेले निकलने से हिचकिचाती हैं।

प्रशासन के सामने अब चुनौती है कि वह इस ज्ञापन पर गंभीरता से विचार करे और त्वरित कार्रवाई करे। यदि समय रहते अतिक्रमण हटाया नहीं गया, तो स्थिति और जटिल हो सकती है। हिंदू रक्षा दल जैसे संगठनों की चेतावनी से लगता है कि यह मुद्दा सामाजिक तनाव का रूप ले सकता है। शहरवासियों की अपेक्षा है कि जिला प्रशासन, पुलिस और MDDA मिलकर संयुक्त अभियान चलाएं, ताकि इनामुल्ला बिल्डिंग क्षेत्र को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके।

देहरादून जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में अतिक्रमण की समस्या नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। यदि प्रशासन सख्ती से काम नहीं करता, तो ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। इनामुल्ला बिल्डिंग का यह मामला एक उदाहरण है कि कैसे छोटी-छोटी अनियमितताएं बड़े सामाजिक मुद्दे बन जाती हैं। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही ठोस कदम उठाएगा और क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बहाल करेगा।

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