औषधि के रूप में बाघ का मूत्र: दावा और विवाद
चिड़ियाघर के कर्मचारी यह दावा करते हैं कि बाघ का मूत्र सफाई के बाद एकत्र किया जाता है और इसका उपयोग जोड़ों के दर्द, खिंचाव और मांसपेशियों के दर्द को कम करने के लिए किया जाता है। इसके इस्तेमाल के लिए चिड़ियाघर ने मूत्र को सफेद शराब के साथ मिलाकर प्रभावित हिस्सों पर लगाने या ओरल कंजम्पशन का सुझाव दिया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस मूत्र का कोई डिस्टिलेशन या कीटाणुशोधन किया जाता है या नहीं।
सोशल मीडिया पर फैला हंगामा
यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और इसने चीनी जनता का ध्यान खींचा है। अब तक इस पर 35 मिलियन से अधिक व्यूज़ हो चुके हैं। प्रतिक्रियाएं मिश्रित रही हैं। कुछ लोग इसे एक जिज्ञासा के तौर पर देख रहे हैं, जबकि अन्य लोग इसके स्वास्थ्य और सुरक्षा पहलुओं पर सवाल उठा रहे हैं। एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने टिप्पणी की, “मैंने अपने पिता के लिए इसे जिज्ञासा के तौर पर खरीदा था, लेकिन मुझे अब तक कोई असर नहीं दिखा।” एक अन्य ने कहा, “क्या मूत्र से बैक्टीरिया नहीं फैल सकता? यह सोचने पर ही घिन आती है।”
विशेषज्ञों की राय: स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं
इस विवाद के बीच विशेषज्ञों ने अपनी राय दी है। हुबेई प्रांत के एक अनाम फार्मासिस्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि बाघ का मूत्र पारंपरिक चीनी चिकित्सा का हिस्सा नहीं है और इसके औषधीय गुणों का कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा, “इस तरह के दावों का बढ़ा-चढ़ा कर प्रचार करना पारंपरिक चीनी चिकित्सा को विकृत करता है और बाघों के संरक्षण के लिए हानिकारक हो सकता है।”
बाघों के उत्पादों का इतिहास और विवाद
ऐतिहासिक रूप से, चीनी चिकित्सा ग्रंथों में बाघ की हड्डियों का उल्लेख जोड़ों के दर्द और मिर्गी जैसी बीमारियों के उपचार के लिए किया गया है, हालांकि चीनी सरकार ने अब इनका उपयोग प्रतिबंधित कर दिया है। बाघों से संबंधित उत्पादों पर विवाद बढ़ता जा रहा है, और पश्चिमी चिकित्सा में इन दावों को कभी स्वीकार नहीं किया गया है।
क्या यह एक ट्रेंड है या खतरे का संकेत?
बाघ के मूत्र को औषधि के रूप में बेचना एक अनोखी और विवादास्पद पहल है, जो कई सवालों को जन्म देती है। स्वास्थ्य पर इसके प्रभावों को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि इसके कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। इसके बावजूद, यह ट्रेंड चीन में चर्चा का विषय बना हुआ है, जो बाघों के संरक्षण और पारंपरिक चिकित्सा पर सवाल उठाता है।