छांगुर बाबा, वो महान संत, जिनके भक्तगण उनकी एक झलक पाने के लिए दिन-रात लाइन लगते थे, अब निकले हैं ISI के खासमखास! जी हाँ, सुनने में तो ऐसा लगता है जैसे कोई मसालेदार बॉलीवुड फिल्म का प्लॉट हो, लेकिन ये तो असली खबर है, जिसे सुनकर आपका दिमाग चकरघिन्नी बन जाएगा!
छांगुर बाबा का ISI कनेक्शन
सूत्रों (जो हमेशा गुमनाम ही रहते हैं) के हवाले से पता चला है कि छांगुर बाबा ने नेपाल की राजधानी काठमांडू में ISI के गुर्गों के साथ चाय-पकौड़े की महफिल सजाई थी। वहाँ, पाकिस्तानी दूतावास में एक ऐसी गोपनीय बैठक हुई, जिसे देखकर जेम्स बांड भी शरमा जाए! बाबा ने अपने नेपाल कनेक्शन का इस्तेमाल कर ISI से डायरेक्ट लाइन जोड़ने की कोशिश की। अब ये तो वही बात हुई कि बाबा दिन में भजन गाएँ और रात में जासूसी की स्क्रिप्ट लिखें!
हिंदू लड़कियों को फँसाने की साजिश
बाबा का प्लान तो इतना शातिर था कि CID की पूरी टीम भी हक्का-बक्का रह जाए! योजना थी कि आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू परिवारों की लड़कियों को पहले फँसाया जाए, फिर उनका धर्मांतरण करवाया जाए। और बस इतना ही नहीं, इन लड़कियों का निकाह ISI के एजेंटों और स्लीपर सेल के गुंडों से करवाने की साजिश थी। अब ये तो वही बात हुई कि बाबा ने लव जिहाद को भी स्टार्टअप बना दिया! और हाँ, जासूसी के लिए कोडवर्ड सिस्टम भी बनाया गया था। कोडवर्ड क्या था? शायद “जय श्री राम” बोलकर ISI को सलाम करने का इशारा!
1000 मुस्लिम युवकों की फौज
छांगुर बाबा का नेटवर्क सिर्फ़ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि ये महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ था। बाबा ने विदेशी फंडिंग (जो हमेशा रहस्यमयी ही रहती है) के दम पर 1000 से ज्यादा मुस्लिम युवकों की फौज तैयार की। इन युवकों को कैश पेमेंट देकर लव जिहाद का पाठ पढ़ाया गया। नेपाल सीमा से सटे सात जिलों को टारगेट किया गया, क्योंकि जाहिर है, वहाँ तो हर गाँव में जासूसी का माहौल है, है ना?
बाबा का जाल
एटीएस ने पूछताछ में जो खुलासा किया, वो तो ऐसा है जैसे कोई सास-बहू सीरियल में ट्विस्ट आया हो! बाबा का नेटवर्क इतना बड़ा था कि वो न सिर्फ धर्मांतरण करवाता था, बल्कि ISI के लिए जासूसी का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रहा था। अब ये तो वही बात हुई कि बाबा सुबह भक्तों को आशीर्वाद दे और रात को ISI को प्लान! और हाँ, ये सब विदेशी फंडिंग के दम पर। अब ये फंडिंग कहाँ से आई, ये तो शायद बाबा के अगले भजन में ही पता चले!
तो छांगुर बाबा ने साबित कर दिया कि भक्ति और जासूसी में ज्यादा फर्क नहीं है। बस एक में भजन गाए जाते हैं और दूसरे में कोडवर्ड! अब अगली बार जब कोई बाबा आपको आशीर्वाद देने आए, तो पहले उसका नेपाल कनेक्शन चेक कर लीजिएगा। कौन जाने, कहीं वो ISI का एजेंट न निकल जाए!
