Sunday, November 23, 2025
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उत्तराखंड के लिए नीतियां तैयार करने वाली मैकेंजी एंड कंपनी का कार्यकाल खत्म

उत्तराखंड सरकार राज्य को सशक्त बनाने और देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए तमाम महत्वपूर्ण नीतियों पर काम कर रही है। इस दिशा में सरकार ने कई नीतियों को धरातल पर उतारा है, लेकिन अभी भी आधा दर्जन से अधिक नीतियां ऐसी हैं, जिनका कार्यान्वयन बाकी है। इन नीतियों को तैयार करने और लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली ‘मैकेंजी एंड कंपनी’ का कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है।

मैकेंजी एंड कंपनी के साथ करार

उत्तराखंड सरकार ने 25 नवंबर 2022 को विभिन्न विभागों के लिए नीतियां तैयार करने हेतु ‘मैकेंजी एंड कंपनी’ के साथ दो वर्षीय करार किया था, जो 24 नवंबर 2024 तक वैध था। हालांकि, कई नीतियां धरातल पर लागू न हो पाने के कारण सरकार ने नवंबर 2024 में इस करार को छह महीने के लिए बढ़ा दिया। अब यह करार 24 मई 2025 को समाप्त होने जा रहा है।

धरातल पर उतरी नीतियां

पिछले ढाई वर्षों में मैकेंजी की सहायता से सरकार ने लगभग तीन दर्जन नीतियों को लागू किया है। इनमें शामिल हैं:

  • पर्यटन नीति: राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए।

  • सौर ऊर्जा नीति: नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन।

  • उद्योग नीति: औद्योगिक विकास को गति देने के लिए।

  • नई फिल्म नीति: फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने हेतु।

  • ड्रैगन फ्रूट फार्मिंग नीति: कृषि क्षेत्र में नवाचार।

  • कीवी नीति: स्थानीय फसलों को बढ़ावा।

  • पोल्ट्री फार्म नीति: पशुपालन क्षेत्र में प्रगति।

लंबित नीतियां

कई नीतियां तैयार तो हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक लागू नहीं हो पाई हैं। इनमें शामिल हैं:

  • ग्रीन हाइड्रोजन नीति: स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में कदम।

  • जियोथर्मल नीति: भू-तापीय ऊर्जा का उपयोग।

  • महक क्रांति पॉलिसी: सुगंधित फसलों को बढ़ावा।

  • रिडेवलपमेंट नीति: शहरी पुनर्विकास के लिए।

  • योग नीति: योग को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करने हेतु।

प्रमुख सचिव नियोजन आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि मैकेंजी का कार्यकाल समाप्त होने से पहले उनके द्वारा किए गए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इस आधार पर यह निर्णय लिया जाएगा कि कार्यकाल को और बढ़ाया जाए या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि कई नीतियां परामर्श या प्रशासनिक विभागों में लंबित हैं, जिन्हें प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव स्तर पर समीक्षा के बाद अगले एक महीने में लागू करने की कोशिश की जाएगी।

खास तौर पर, जियोथर्मल नीति से संबंधित वित्त विभाग के कुछ मुद्दों को हल करने के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट में लाया जाएगा।

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